ठेकें

कलाकृतियाँ ठेकों पर बनवाने का, इसमें कोई शक नहीं, केवल पहले से तैयार चित्रों के प्रिण्ट औड्अ करने से कहीं पेचीदा मामला है। ठीक किस चीज़ की इच्छा और ज़रूरत है इसके बारे में आपसी समझ होना आवश्यक है।

ठेकें लेने में शामिल क़ीमतें, और बाक़ी बारीकियाँ, इसीलिए, एक बार ये बातें स्पष्ट हो जाने के बाद ही तय की जा सकती हैं।

अगर यहाँ, या फिर कभी कहीं अामने-सामने  मेरे काम को देखकर, और मेरे कलाकार की हैसियत से लिखे मक़सदों के बारे में पढ़कर, आपने महसूस किया हो कि आप अपने आप के लिए या अपनी संस्था के लिए किसी काम का एेसा ठेका मुझको देना चाहते हैं, तो मुझसे सम्पर्क करने में बिलकुल झिझकें नहीं।

अगर आगे बढ़ना चाहें  तो मैं यह भी बताना चाहूँगा कि चित्र बनवाने के अलावा, ठेकें आप मुझको कला से ताल्लुक़ रखती कई और चीज़ों के भी बेशक दे सकते हैं। नमूनों के तौर पर, कविताएँ, गद्य लिखने का, संस्थाओं के प्रतीक चिह्नों (उदाहरण नीचे) की रचना का, पूरी वॅबसाइटें बनाने का (मिसाल के रूप में मेरी खुद की:
arjunjain.injohnruskinmanufactory.co.inarjunjainblog.wordpress.com; और लेखक कैट वॅदरिल की catweatherill.co.uk), अनेक प्रकार की उपयोगी वस्तुओं (उदाहरण नीचे) के निर्माणकार्य का, आकिटॅक्च्अ, और इमारतों और कमरों की बाहरी और भीतरी सज्जा (उदाहरण नीचे) पर सलाह देने का- एेसे काम मैं पहले कर चुका हूँ, और आगे भी करना ज़रूर पसन्द करूँगा। इनके सिवाय, जैसे की मेरे CV से मालूम पड़ेगा, मुझे भाषाओं में अत्यंत दिलचस्पी है, कई बार विदेशों में रहने और यात्राएँ करना का मुझे तजुर्बा है, और आम ज़िन्दगी के आम (असल में ज़रूरत से ज़्यादा ख़ास) कामों (जैसे कि मज़दूरी, बिक्री, साफ़-सफ़ाई, लकड़हारिता, बैरागीरी, बाग़बानी) से भी मैं कभी दूर नहीं हटा।

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लेखक-मज़दूर