Prudence and Jurisprudence
Farewell, Britannia

आख़िरकार, जिस कविताओं की किताब पर मैं पिछले छह महीनों से काम कर रहा था, ख़त्म मैंने अब कर ली।

Prudence and Jurisprudence शीर्षक है इसका, और अगर सङ्क्षेप में इसके बारे में लिखना हो तो, किताब के अपने शब्दों में यह ‘a work in verse and prose, consisting principally of the poem, Farewell, Britannia, on an instance of seemingly insurmountable inequality, with questionable origins, from the point of view of to whom is it subjected; in particular, the consideration of the issue of deprivation of freedom of movement, or visa restrictions, with an aim of arriving at an individual position on the matter, and an appropriate response in light of it’ है।

इससे बढ़कर, यह मैं बताना चाहूँगा कि यह जाॅन रस्किन स्वनिर्माणशाला, जिस नाम के तहत, कुछ और वजहों के अलावा, मैंने अब से अपना एेसा काम करना तय किया है, के बनाएँ उत्पादों मे से पहला है। हालाँकि स्वनिर्माणशाला की आर्थिक नीति, उसकी वॅबसाइट पर, और उपरोक्त किताव में, और विस्तार में उपलब्ध है, वह उसही भावना को लिए हुइ है, जिस से मैं कुछ समय पहले तक अपने चित्रों के प्रिण्ट बेचा किया करता था। कम लफ़्ज़ों में, एक बार फिर, ‘…आम आर्थिक प्रथाओं के विरुद्ध, इसमें विश्वास होते हुए कि महनत का सही फल महनत में ही समाया हुआ है, यह फल, इसलिए, पहले से ही मिला हुआ होते, उसकी माँग भी- मुनाफ़े की- मैं नहीं करना चाहूँगा। ख़ासकर एेसे काम की कोई तय क़ीमत रखना अनैतिक महसूस होता है; उतनी ही वह होनी चाहिए, मेरे हिसाब से, उन ख़र्चों- जो जैसे एक लेखक को लिखने के लिए, काग़ज़ और क़लम ख़रीदने के लिए उठाने पड़ते हैं, उन ख़रचों की भरपाई के लिए जितनी मुनासिब हो- के अलावा, जितनी ग्राहक के देने की इच्छा, अौर क्षमता हो। मेरे खुद का मांसिक विकास, खुद की कमियों का उजागरण, और समय का सही मायने में इस्तेमाल, मेरे हमेशा पहले और प्रमुख इनाम रहेंगे’।


प्रस्तुत चित्र: कव्अ (Prudence and Jurisprudence)
लेखक: अर्जुन जैन
भाषा: अङ्ग्रेज़ी/ पूर्व आधूनिक अङ्ग्रेज़ी
पन्ने: १६४ (पेइप्अबैक)
लम्बाई-चौड़ाई: २१ x २९.७ सॅ.मी.
क़ीमत : £१० (£८, छपाई; £२, फ़ास्टबैक बाइण्डिङ्ग)
(पहली छपाई के वक़्त, अगस्त २०१६)
काॅपी का औड्अ देने के लिए, जाॅन रस्किन स्वनिर्माणशाला की वॅबसाइट के ज़रिए बेझिझक संपर्क करें।